कक्षा – दसवीं
हिंदी-बी
अंक-80
समय-3 घंटे
1.नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(5 x 1 = 5)
वर्तमान युग कंप्यूटर युग है। यदि भारतवर्ष पर नज़र दौड़ाकर देखें तो हम पाएँगे कि जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर का प्रवेश हो गया है। बैंक, रेलेव-स्टेशन, हवाई अड्डे, डाक खाने, बड़े-बड़े उद्योग-कारखाने, व्यवसाय, हिसाब-किताब, रुपये गिनने तक की मशीनें कंप्यूटरीकृत हो गई हैं। अब भी यह कंप्यूटर का प्रारंभिक प्रयोग है। आने वाला समय इसके विस्तृत फैलाव का संकेत दे रहा है। प्रश्न उठता है कि क्या कंप्यूटर आज की ज़रूरत है?
इसका उत्तर है- कंप्यूटर जीवन की मूलभूत अनिवार्य वस्तु तो नहीं है, किंतु इसके बिना आज की दुनिया अधूरी जान पड़ती है। सांसारिक गतिविधियों, परिवहन और संचार उपकरणों आदि का ऐसा विस्तार हो गया है कि उन्हें सुचारु रूप से चलाना अत्यंत कठिन होता जा रहा है। पहले मनुष्य जीवन-भर में अगर सौ लोगों के संपर्क में आता था तो आज वह दो-हज़ार लोगों के संपर्क में आता है। पहले दिन में पाँच-दस लोगों से मिलता था तो आज पचास-सौ लोगों से मिलता है। पहले वह दिन में काम करता था तो आज रातें भी व्यस्त रहती हैं। आज व्यक्ति के संपर्क बढ़ रहे हैं, व्यापार बढ़ रहे हैं, गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, आकांक्षाएँ बढ़ रही हैं, साधन बढ़ रहे हैं। इस अनियंत्रित गति को सुव्यवस्था देने की समस्या आज की प्रमुख समस्या है। कहते हैं आवश्यकता आविष्कार की जननी है।
इस आवश्यकता ने अपने अनुसार निदान ढूँढ लिया है। कंप्यूटर एक ऐसी स्वचालित प्रणाली है जो कैसी भी, अव्यवस्था को व्यवस्था में बदल सकती है। हड़बड़ी में होने वाली मानवीय भूलों के लिए कंप्यूटर राम बाण औषधि है। क्रिकेट के मैदान में अंपायर की निर्णायक भूमिका हो या लाखों-करोड़ों की लंबी-लंबी गणनाएँ कंप्यूटर पलक झपकते ही आपकी समस्या हल कर सकता है। पहले इन कामों को करने वाले कर्मचारी हड़बड़ाकर काम करते थे, एक भूल से घबराकर और अधिक गड़बड़ी करते थे। परिणामस्वरूप काम कम, तनाव अधिक होता था। अब कंप्यूटर की सहायता से काफी सुविधा हो गई है।
i) वर्तमान युग कंप्यूटर का युग क्यों है?
(क) कंप्यूटर के बिना जीवन की कल्पना असंभव-सी हो गई है।
(ख) कंप्यूटर ने पूरे विश्व के लोगों को जोड़ दिया है।
(ग) कंप्यूटर जीवन की अनिवार्य मूलभूत वस्तु बन गया है।
(घ) कंप्यूटर मानव सभ्यता के सभी अंगों का अभिन्न अवयव बन चुका है।
ii) गद्यांश के अनुसार कंप्यूटर के महत्व के विषय में कौन-सा विकल्प सही है?
(क) कंप्यूटर काम के तनाव को समाप्त करने का उपाय है।
(ख) कंप्यूटर कई मानवीय भूलों को निर्णायक रूप से सुधार देता है।
(ग) कंप्यूटर के आने से सारी हड़बड़ाहट दूर हो गई है।
(घ) मानव की सारी समस्याओं का हल कंप्यूटर से संभव है।
(iii) गद्यांश के अनुसार किस आवश्यकता ने कंप्यूटर में अपना निदान ढूँढ लिया है?
(क) अनियंत्रित कर्मचारियों को अनुशासित करने की।
(ख) अनियंत्रित गति को सुव्यवस्था देने की।
(ग) अधिक से अधिक लोगों से जुड़ जन-जागरण लाने की
(घ) अधिक से अधिक कार्य कभी भी व कहीं भी करने की।
(iv) कंप्यूटर के प्रयोग से पहले अधिक तनाव क्यों होता था?
(क) लंबी-लंबी गणनाएँ करनी पड़ती थीं।
(ख) गलतियों के डर से कर्मचारी घबराए रहते थे।
(ग) क्रिकेट मैचों में ग़लत निर्णय का ख़तरा रहता था।
(घ) मानवीय भूलों के कारण बड़ी दुर्घटनाएँ होती थीं।
(v) कंप्यूटर के बिना आज की दुनिया अधूरी है क्योंकि
(क) सारी व्यवस्था, उपकरण और मशीनें कंप्यूटरीकृत हैं।
(ख) कंप्यूटर ही मानव एकीकरण का आधार है।
(ग) कंप्यूटर ने सारी प्रक्रियाएँ आसान बना दी हैं।
(घ) कंप्यूटर द्वारा मानव सभ्यता अधिक समर्थ हो गई है।
2. नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5 x 1 = 5)
पर्यावरण की समृद्धि और स्वस्थ होने से ही हमारा जीवन भी समृद्ध और सुखी होता है। हमारे पूर्वज प्रकृति की दैवीय शक्ति के रूप में उपासना करते थे, उसे परमेश्वरी भी कहते थे। उन्होंने पर्यावरण का बहुत गहरा चिंतन किया। जो कुछ पर्यावरण के लिए हानिकारक था, उसे आसुरी प्रवृत्ति कहा और जो हितकर था, उसे दैवीय प्रवृत्ति कहा। भारत के पुराने ग्रंथों में वृक्षों और वनों का चित्रण पृथ्वी के रक्षक के रूप में किया गया है।
उनको संतान की तरह पाला जाता था और हरे-भरे पेड़ों को अपने किसी स्वार्थ के लिए काटना पाप कहा जाता था। अनावश्यक रूप से पेड़ों को काटने पर दंड का विधान भी था। मनुष्य समझता है कि समस्त प्राकृतिक संपदा पर केवल उसी का आधिपत्य है। हम जैसा चाहें उसका उपयोग करें। इसी भोगवादी प्रवृत्ति के कारण मानव ने उसका इस हद तक शोषण कर लिया है कि अब उसका अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है।
वैज्ञानिक बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करो, अन्यथा मानव जाति नहीं बच पाएगी। इन जीवन-उपयोगी वृक्षों की देवी-देवता की तरह पूजा की जाती है। पर्यावरण की दृष्टि से वृक्ष को परम रक्षक और मित्र बताया गया है। यह हमें अमृत प्रदान करता है, दूषित वायु को स्वयं ग्रहण करके हमें प्राणवायु देता है, मरुस्थल का नियंत्रक होता है, नदियों की बाढ़ को रोकता है और जलवायु को स्वच्छ बनाता है। इसलिए हमें वृक्ष-मित्र होकर जीवन-यापन करना चाहिए।
(i) पर्यावरण से जुड़ा है
(क) पुराने ग्रंथों का संबंध
(ख) मानव-जीवन की समृद्धि
(ग) प्राकृतिक दोहन
(घ) प्रकृति का चित्रण
(ii) पर्यावरण प्रदूषण का कारण है कि मनुष्य
(क) प्राकृतिक संरक्षण
(ख) जीवन की सुखमयता
(ग) प्रकृति पर अधिकार
(घ) प्राकृतिक दोहन
(iii) आसुरी’ का आशय है
(क) हानिकारक
(ख) राक्षसी
(ग) पर्यावरण के लिए अहितकर
(घ) मानवता की विनाशक
(iv) वृक्षों को सच्चा मित्र मानने का कारण क्या है?
(क) दूषित वायु हटाकर प्राणवायु देता है
(ख) कार्बन डाइ-ऑक्साइड छोड़ता है
(ग) मानसिक रोगों से रक्षा करता है।
(घ) इनमें से कोई नहीं
(v) गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है
(क) पेड़ फलदायक है
(ख) पेड़ हमारे मित्र
(ग) प्राकृतिक संपदा
(घ) मानव का स्वार्थ
खंड–ख व्याकरण
3.निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए। (4 x 1 =4)
कृष्ण की भक्त मीरा एकतारा बजाती थी।
रेखांकित पदबंध का भेद है
(क) क्रिया पदबंध
(ख) सर्वनाम पदबंध
(ग) संज्ञा पदबंध
(घ) विशेषण पदबंध
ii) तताँरा को मानो कुछ होश आया।रेखांकित पदबंध का भेद है
(क) संज्ञा पदबंध
(ख) सर्वनाम पदबंध
(ग) क्रिया पदबंध
(घ) विशेषण पदबंध
iii) हवा अचानक तेज गति से बहने लगे। रेखांकित पदबंध का भेद है
(क) विशेषण पदबंध
(ख) सर्वनाम पदबंध
(ग) क्रिया पदबंध
(घ) क्रियाविशेषण पदबंध
iv) मैं तुम से पाँच साल बड़ा हूँ और हमेशा रहूँगा। रेखांकित पदबंध का भेद है
(क) क्रिया पदबंध
(ख) सर्वनाम पदबंध
(ग) संज्ञा पदबंध
(घ) विशेषण पदबंध
v) साधारण-सा दिखने वाला वह अत्यंत बुद्धिमान है।
(क) संज्ञा पदबंध
(ख) सर्वनाम पदबंध
(ग) क्रिया पदबंध
(घ) क्रियाविशेषण पदबंध
4.निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए। (4 x 1=4)
(i) निम्नलिखित में से किस समस्तपद में अव्ययीभाव समास है?
(क) वनवास
(ख) आपबीती
(ग) आजन्म
(घ) काली-मिर्च
(ii) द्वंद्व समास का उदाहरण है
(क) बेलगाडी
(ख) लव-कुश
(ग) अपयश
(ग) मालगाडी द्वंद्व समास
(घ) बहुव्रीहि समास
(iv) पंचवटी’ में कौन-सा समास है-
(क) द्वंद्व समास
(ख) द्विगु समास
(ग) अव्ययीभाव समास
(घ) तत्पुरुष समास
(v) बहुव्रीहि समास के विग्रह का उदाहरण है-
(क) डाक के लिए गाड़ी
(ख) श्वेत है जो कमल
(ग) पीला है जिसका अंबर अर्थात श्री कृष्ण
(घ) ईश्वर से विमुख
5.निम्नलिखित पाँच भागों में से किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए। (4 x 1 =4)
(i) सुभाष बाबू बहुत जोर से‘ वंदे मातरम’ बोल रहे थे। रचना के आधार पर वाक्य भेद है
(क) इच्छावाचक
(ख) सरल वाक्य
(ग) मिश्रित वाक्य
(घ) संयुक्त वाक्य
(ii) निम्नलिखित वाक्यों में से मिश्र वाक्य है
(क) आज का दिन है तो अमर दिन है।
(ख) खाना खाओ और चले जाओ।
(ग) शैलेंद्र को ऐसे उमीद नहीं थी कि जिंदगी-भर की दोस्ती का ये बदला देंगे।
(घ) खाना खाते ही चला गया।
(iii) ‘नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है।’ रचना के आधार पर वाक्य भेद है
(क) संयुक्त वाक्य
(ख) सरल वाक्य
(ग) मिश्रित वाक्य
(घ) निषेधात्मक वाक्य
(iv) जब अविनाश बाबू ने झंडा गाड़़ा ,तब पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
(क) संयुक्त वाक्य
(ख)निषेधात्मक वाक्य
(ग) मिश्रित वाक्य
(घ) सरल वाक्य
(v)‘वह आया था परंतु मैं न मिल सका।’- रचना के आधार पर वाक्य भेद है
(क) संयुक्त वाक्य
(ख) मिश्रित वाक्य
(ग) सरल वाक्य
(घ) निषेधात्मक वाक्य
6.निम्नलिखित चारों भागों के उत्तर दीजिए। (4 x 1 = 4)
(i) माली के हाथों में डंडा देखकर राजू के ………..” गए। उपयुक्त मुहावरे से वाक्य पूरा करें।
(क) प्राण सूखना
(ख) आग-बबूला
(ग) मर मिटना
(घ) भाग जाना
(ii) आँखों में धूल झोंकना मुहावरे का अर्थ है-
(क) साफ़ इनकार करना
(ख) मूर्ख व्यकित
(ग) वश में रखना
(घ) धोखा देना
iii) न्योछावर करना मुहावरे का अर्थ है-
(क) योजना बनाना
(ख) हमला करना
(ग) बलिदान करना
(घ) बहुत घमंड होना
iv) सुध-बुध खोना मुहावरे का अर्थ है-
(क) अपने आप को भूल जाना
(ख) काम पूरा करना
(ग) वश में रखना
(घ) उपाय न मिलना
v) बेघर करना मुहावरे का अर्थ है-
(क) धोखा देकर भाग जाना
(ख) आश्रय करना
(ग) बहुत खुशी होना
(घ) पता न चलना
vi) धज्जे उड़़ाना मुहावरे का अर्थ है-
(क) चिथडे़-चिथड़े करना
(ख) बलिदान करना
(ग) बहुत खुशी होना
(घ) पता न चलना
7. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर चुनकर लिखिए।
(5x 1 =5)
हरि आप हरो जन री भीर।
द्रोपदी री लाज राखी,
आप बढ़ायो चीर।
भगत कारण रूप नरहरि,
धरयो आप सरीर।
बूढ़तो गजराज राख्यो,
काटी कुञ्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधर,
हरो म्हारी भीर।।
- मीरा अपने प्रभु से पहला पद में प्रार्थना कर रही हैं
(क) मुझे अपनी चाकरी में रख लीजिए।
(ख) शत्रु का नाश कर दीजिए
(ग) कष्ट दूर करें
(घ) चीर बढ़ा दीजिए - पद के अनुसार हरि ने किस-किस के कष्टों को दूर किया?
(क) द्रौपदी, नरहरि, मगरमच्छ, मथुरावासी
(ख) नरहरि, द्रौपदी, द्वारका वासियों, गजराज
(ग) कुंजर, द्रौपदी, प्रहलाद, गजराज ।
(घ) द्रौपदी, बृजवासी, प्रह्लाद, गजराज - द्रौपदी की लाज रखने के लिए प्रभु ने क्या चमत्कार दिखाया?
(क) चीर हरण को रोका
(ख) चीर बढ़ाया
(ग) मगरमच्छ भेजे
(घ) नरहरि का रूप धारण किया - कृष्ण ने नरहरि का रूप धारण क्यों किया?
(क) प्रह्लाद की रक्षा के लिए
(ख) हिरण्यकश्यप की रक्षा के लिए
(ग) द्रौपदी की रक्षा के लिए
(घ) मीरा की रक्षा के लिए
- चीर शब्द का अर्थ –
क) पीड़ा ख) हाथी ग) वस्त्र घ) नौकर
- कवि मैथिलीशरण गुप्त जी ने सच्चा मनुष्य किसे कहा है? 2
क) जो सच बोलता है। ख) जो दूसरे मनुष्य के लिए मरता है
ग) जो कभी झूठ नहीं बोलता है घ) जो ईमानदारी की राह पर चलता है
- जब मैं था तब हरि नहीं से कवि का क्या आशय है-
क) कवि के लिए ख) हरि के लिेए ग) अपने लिए घ) अहंकार के लिए
8.निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए। (5 x 1 = 5)
ग्वालियर में हमारा एक मकान था। उस मकान के दालान में दो रोशनदान थे। उसमें कबूतर के एक जोड़े ने अपना घोंसला बना रखा था। एक बार बिल्ली ने उचककर दो में से एक अंडा तोड़ दिया। मेरी माँ ने ये सब देखा तो उसे दुख हुआ।
उसने स्टूल पर चढ़कर दूसरे अंडे को बचाने की कोशिश की। लेकिन इस कोशिश में दूसरा अंडा उसी के हाथ से गिरकर टूट गया। कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे। उनकी आँखों में दुख देखकर मेरी माँ की आँखों में आँसू आ गए। इस गुनाह को खुदा से मुआफ कराने के लिए उसने पूरे रोज़ा रखा। दिन भर कुछ खाया-पिया नहीं। सिर्फ रोती रही और बार-बार नमाज़ पढ़-पढ़कर खुदा से इस गलती को मुआफ़ करने की दुआ माँगती रही।
i) बरामदे में कितने रोशनदान थे?
(क) दो (ख) एक (ग) चार (घ) तीन
(ii) रोशनदान में किसने अपना घोंसला बना रखा था?
(क) चिड़ियों ने (ख) कबूतरों ने (ग) गौरैया ने (घ) इनमें से कोई नहीं
(iii) पहला अंडा किसने तोड़ा था?
(क) लेखक की माँ ने (ख) लेखक ने (ग) बिल्ली ने (घ) स्वयं कबूतरों ने
(iv) कबूतरों का जोड़ा परेशान होकर इधर-उधर क्यों फड़फड़ाने लगा?
(क) उनको अपना घोंसला नहीं मिल रहा था।
(ख) वे भूख से परेशान थे।
(ग) उनके दोनों अंडे टूट गए थे।
(घ) लेखक की माँ उन्हें भगा रही थी।
(v) लेखक की माँ ने कैसे प्रायश्चित किया?
(क) पूरे दिन रोज़ा रखा
(ख) खुदा से अपनी गलती की माफ़ी माँगी
(ग) पूरे दिन रोती रहीं
(घ) उपर्युक्त सभी
1.वामीरो किस गाँव की थी 2
क) पासा ख) लपाती ग) कार-निकोबार घ) लिटिल-अंदमान
2.राजकपूर की बात सुनकर शैलेंद्र की क्या दशा हुई
क) चेहरा खिल गया ख) चेहरा हैरान हो गया
ग) चेहरा मुरझा गया घ) चेहरा फीका पड़ गया
9) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (किन्हीं दो ) 2*3*6
1.कवि ने दधीचि, कर्ण, राजा शिवि, रंतिदेव आदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर मनुष्यता के लिए क्या संदेश दिया है
2.सहस्त्र दृग-सुमन से क्या तात्पर्य है कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा
3. कंपनी बाग में रखे तोप क्या सीख देती है
10. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (किन्हीं दो ) 2*3*6
- शेख अयाज़ के पिताजी अपने बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए ?
2.कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?
डायरी का एक पन्ना पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
3.बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती है?
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (किन्हीं दो ) 2*3*6
1.हरिहर काका के जीवन के अनुभवों से हमें क्या सीख मिलती है?पाठ के आधार पर लिखिए।
2.महंत और अपने भाई हरिहर काका को एक जैसे क्यों लगने लगते हैं? हरिहर कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
3.अनपढ़़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहत्तर समझ रखते हैं कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
- निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर अनुच्छेद लिखिए। 5
- भारतीय किसान के कष्ट
*अन्नदाता की कठिनाई * कठोर दिनचर्या *सुधार के उपाय
- अपनी भाषा प्यारी भाषा
*अपनी भाषा का परिचय *प्यारी क्यों हैं *अन्य भाषाओं से मेल *विशेषताएँ
- इंटरनेट की दुनिया
* इंटरनेट का तात्पर्य *सूचना का मुख्य साधन *लाभ और हानि
- समाज में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए नागरिकों को जागरूक करने का आग्रह करते हुए किसी दैनिक अखबार के संपादक को पत्र लिखिए। 5
अथवा
कक्षा में किए गए अभद्र व्यवहार के लिए प्रधानाचार्य से क्षमायाचना करते हुए पत्र लिखिए।
14.आप अपने विद्यालय में सांस्कृतिक सचिव हैं।विद्यालय में होने वाले वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रण हेतु एक सूचना तैयार कीजिए। 4
अथवा
आपके विद्यालय में नेत्र -चिकित्सा शिविर लगाया जा रहा है ,जिसमें निृःशुल्क नेत्र-परीक्षण किया जाएगा। स्थानीय जनता की सूचना संबंध एक सूचना तैयार कीजिए।
15.आप अपनी पुरानी मकान बेचना चाहते हैं। इसके संबंध एक विज्ञापन तैयार कीजिए। 3
आयुर्वेदिक केश तेल के लिए एक विज्ञापन तैयार कीजिए।
- वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ( अथवा ) एकता में बल (5)