कारतूस
1. वजीर अली को नेपाल पहुंचने में क्या दिक्कत थी
View AnswerAns. वजीर अली के पीछे अंग्रेजी फौज और सआदत अली के सिपाही बुरी तरह पड़े हुए थे। वह जंगलों में छिपता फिर रहा था। अतः वह नेपाल नहीं पहुंच पा रहा था।
2. सवार ने क्यों कहा कि वजीर अली की गिरफ्तारी बहुत मुश्किल है?
View AnswerAns. सवार स्वयं वजीर अली था और अब तक उसे कोई पहचान नहीं पाया था, साथ ही वह जांबाज़ और बहादुर था, इसलिए उसने कहा कि वजीर अली की गिरफ्तारी बहुत मुश्किल है।
3. वजीर अली के अफसाने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
View AnswerAns. रॉबिनहुड की वीरता की अनेक कहानियां प्रचलित हैं। कर्नल को जब भी वजीर अली के अफ़साने या कहानियां सुनाई जाती, तो उसे रॉबिनहुड की याद आ जाती थी क्योंकि वजीर अली भी उसी की तरह हिम्मती और दरियादिल था। रॉबिनहुड की तरह ही उसे पकड़ पाना मुश्किल हो रहा था। वज़ीर अली के मन में अंग्रेजों के प्रति बेहद नफरत थी। वह उनके हाथ नहीं आ पा रहा था। बस उसकी साहसिक और रोमांचक कहानियाँ ही सुनाई देती थी।
4. ‘कारतूस’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए कि वजीर अली एक नीतिकुशल योद्धा था
View AnswerAns. ‘कारतूस’ पाठ में हमें वज़ीर अली में एक नीतिकुशल योद्धा के भी दर्शन होते हैं। अंग्रेजों की पूरी फौज उसे पकड़ने के लिए जंगल में खेमा डाले हुए थी, फिर भी उसे पकड़ नहीं पा रही थी। वह अपने जैसे मुट्ठी भर जाँबाज़ साथियों के साथ जंगल में इतनी कुशलता से छिपा था कि अंग्रेज सिपाही उसका बाल भी बाँका नहीं कर पा रहे थे। अपनी नीति कुशलता के दम पर ही वह बेधड़क अंग्रेजों के खेमे में जाकर कर्नल से वजीर अली को मारने की बात कहकर कारतूस ले आता है। कर्नल उससे चकमा खाने के बाद भी उसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाते हैं।
5. सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
View AnswerAns. सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का एक ही उद्देश्य था – अवध की अपार धन-संपत्ति और अपना अधिकार करना। सआदत अली अंग्रेजों का मित्र था तथा ऐशोआराम वाली जिंदगी पसंद करता था। उसने कर्नल को आधी संपत्ति और दस लाख रुपए देकर उसके षड्यंत्र में स्वयं को भागीदार बना लिया। कर्नल का उद्देश्य सफल हो गया। वह सआदत अली से उसे कोई खतरा नहीं था।
6. सआदत अली कौन था? उसने वजीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा ?
View AnswerAns. सआदत अली नवाब आसिफउद्दौला का बेटा छोटा भाई था। जब तक नवाब आसिफउद्दौला की कोई संतान नहीं थी तब तक उसे नवाब बनने की पूरी आशा थी, परंतु वजीर अली के जन्म लेते ही उसकी आशाओं पर पानी फिर गया, इसलिए वजीर अली की पैदाइश को सआदत अली ने अपनी मौत समझा।
7. एकांकी ‘कारतूस’ के अनुसार वजीर अली एक जांबाज सिपाही कैसे था?
View AnswerAns. वजीर अली का निर्भयता से शत्रु के खेमे में अकेले जाकर दुश्मनों से ही कारतूस को प्राप्त करना, वकील की अपमानजनक बात को सहन न करना और उसी के घर में उसकी हत्या करना और आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने के लिए तत्पर होना, ये सभी बातें उसकी जांबाज़ी सिद्ध करती हैं।
8. सवार के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का क्यों रह गया?
View AnswerAns. सवार कर्नल से कारतूस लेने में सफल रहता है। कर्नल जब उससे नाम पूछता है तो वह अपना नाम बताता है – वजीर अली और सामने से चला जाता है। कर्नल हक्का-बक्का सा उसे देखता रह जाता है, क्योंकि जिस वजीर अली को पकड़ने के लिए वह महीनों से जंगल में खेमा लगाए हुए था, वही खुद अकेले जान हथेली पर लेकर आता है और खुद को मारने की बातें बात कहकर उससे कारतूस भी ले जाता है। कर्नल उसकी जांबाज़ी से प्रभावित हो जाता है।