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Class X – Hindi A – Paper – 1

Hindi A (002)

Class X (2024-25)

निर्धारित समय: 3 hours                                                                                  अधिकतम अंक: 80

सामान्य निर्देशः

निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए :

•  इस प्रश्नपत्र में कुल 15 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

• इस प्रश्नपत्र में कुल चार खंड हैं- क, ख, ग, घ ।

•  खंड-क में कुल 2 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 10 है।

•  खंड-ख में कुल 4 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 20 है। दिए गए निर्देशों का पालन करते

हुए 16 उपप्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है ।

• खंड-ग में कुल 5 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 20 है।

•  खंड-घ में कुल 4 प्रश्न हैं, सभी प्रश्नों के साथ उनके विकल्प भी दिए गए हैं।

•  प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए ।

खंड क- अपठित बोध

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

संविधान लागू होने के पंद्रह वर्षों में हिन्दी को अंग्रेज़ी का स्थान ग्रहण करना था, पर ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्रभाषा के विकास के लिए सरकार और जनता द्वारा जो प्रयत्न किए गए हैं वे किसी प्रकार से भी संतोषजनक नहीं हैं। कुछ नए विभागों के हिन्दी में नाम रख देने से या विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में हिन्दी में उत्तर देने की सुविधा से राष्ट्रभाषा हिन्दी का विकास नहीं हो सकता। आज भी हिन्दी में पत्र लिखते हुए जब हम पता लिखने बैठते हैं तो ज़रा सोच में पड़ जाते हैं कि पत्र भटकता तो नहीं रहेगा। अनेक सरकारी अथवा सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रभाषा का अशुद्ध प्रयोग देखते हैं। हिन्दी का खालिस प्रयोग तो अत्यन्त दुर्लभ है। हिन्दी अध्यापकों के भी छात्रों को पढ़ाते हुए अनावश्यक स्थानों पर अंग्रेजी का प्रयोग करते देखा गया है।

1. राष्ट्रभाषा का अशुद्ध प्रयोग कहाँ-कहाँ देखने को मिलता है?

(क) पत्र लिखते हुए

(ख) सार्वजनिक स्थानों पर

(ग) निजी संस्थानों में

(घ) छात्रों को पढ़ाते हुए

Ans. (ख) सार्वजनिक स्थानों पर

2. हिंदी को कब तक अंग्रेजी का स्थान ग्रहण करना था?

(क) पंद्रह वर्षों में

(ख) दस वर्षों में

(ग) सत्तर वर्षों में

(घ) पाँच वर्षों में

Ans. (क) पंद्रह वर्षों में

3. भारत का संविधान कब लागू हुआ था?

(क) 30 जनवरी 1950

(ख) 15 जनवरी 1950

(ग) 25 जनवरी 1950

(घ) 26 जनवरी 1950

Ans. (घ) 26 जनवरी 1950

4. राष्ट्रभाषा के विकास की प्रक्रिया में हम किसे संतोषजनक नहीं मान सकते?

Ans. राष्ट्रभाषा के विकास के लिए सरकार और जनता द्वारा जो प्रयत्न किए गए हैं, उन्हें हम किसी भी प्रकार से संतोषजनक नहीं मान सकते।

5. हिन्दी में पत्र पर पता लिखते समय हम किस सोच में पड़ जाते हैं?

Ans. हिन्दी में पत्र पर पता लिखते समय हम इस सोच में पड़ जाते हैं कि पत्र कहीं भटकता तो नहीं रहेगा।

निम्नलिखित काव्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

राम और रावण दोनों की राशि थी एक,

रावण जहाँ दुष्ट था वहाँ राम थे नेक।

रावण के पास थी अकूत संपत्ति,

जब कि राम के पास केवल सन्मति ।

रावण ने हरण जानकी का किया था,

और परिचय कायरता का दिया था।

दशानन का छोटा भाई था विभीषण,

वहीं राम के प्रिय थे अनुज लक्ष्मण।

रावण ने विभीषण का किया तिरस्कार,

इसीलिए रावण का हुआ बंटाढार ।

विभीषण जानता था रावण के भेद,

इसीलिए राम रावण को जीत पाए ।

राम लौटे लंका से जीत का डंका बजाए,

तभी कहते हैं घर का भेदी लंका ढहाए।

i. रावण के बंटाधार का मुख्य कारण क्या था?

(क) राम का शक्तिशाली होना

(ख) रावण का दुष्ट होना

(ग) अपने छोटे भाई विभीषण का तिरस्कार करना

(घ) जानकी का हरण करना

Ans. (ग) अपने छोटे भाई विभीषण का तिरस्कार करना

ii. राम और रावण में क्या असमानता थी?

(क) रावण जहाँ दुष्ट था वहाँ राम नेक थे

(ख) रावण के पास अकूत संपत्ति थी, जबकि राम के पास केवल सन्मति थी

(ग) रावण ने अपने भाई का तिरस्कार किया पर राम अपने भाई से प्रेम करते थे

(घ) उपरोक्त सभी

Ans. (घ) उपरोक्त सभी

iii. राम और रावण में क्या समानता थी?

(क) दोनों बहुत शक्तिशाली और दयावान थे।

(ख) दोनों की समान राशि थी और दोनों परिवार में सबसे बड़े थे।

(ग) दोनों की समान राशि थी और दोनों क्षत्रिय थे।

(घ) दोनों सीता से प्रेम करते थे।

Ans. (ख) दोनों की समान राशि थी और दोनों परिवार में सबसे बड़े थे।

iv. राम की रावण पर विजय का रहस्य क्या था?

Ans. रावण का छोटा भाई विभीषण रावण से तिरस्कृत होकर राम को रावण की कमजोरियाँ और भेद बता दिए थे, जिसके कारण राम विजयी हो सके। यही रावन पर राम के विजय का रहस्य था ।

v. इस कविता में क्या संदेश दिया गया है?

Ans. इस कविता में यह संदेश दिया गया है कि कभी भी गलत कार्य नहीं करना चाहिए और ना ही गलत करने वालो का साथ देना चाहिए।

खंड ख – व्यावहारिक व्याकरण

3. निर्देशानुसार किन्हीं चार के उत्तर लिखिए:

i. फिल्म शुरू होते ही दर्शक शांत हो गए। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)

Ans. फ़िल्म शुरू हुई और दर्शक शांत हो गए।

ii. जब मज़दूरों को बोनस नहीं मिला, तो वे हड़ताल पर चले गए। (सरल वाक्य में बदलिए)

Ans. बोनस न मिलने पर/के कारण मज़दूर हड़ताल पर चले गए।

iii. अच्छी कविताएँ भविष्य के लिए कुछ संदेश भी देती हैं। (मिश्र वाक्य में बदलिए)

Ans. वे कविताएँ अच्छी होती हैं जो भविष्य के लिए कुछ संदेश भी देती हैं। / जो अच्छी कविताएँ होती हैं

वे भविष्य के लिए कुछ संदेश भी देती हैं।

iv. मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा रखा हुआ था, जैसा बच्चे बना लेते हैं।

(आश्रित उपवाक्य छाँटकर उसका भेद लिखिए)

Ans. आश्रित उपवाक्य – जैसा बच्चे बना लेते हैं भेद – विशेषण आश्रित उपवाक्य

v. मेरे कमरे में मेरी सखी स्मिता आई। (मिश्र वाक्य)

Ans. जो कमरे में आई वह मेरी सखी स्मिता है।

4. निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तन करके लिखिए:

i. आओ, बैठा जाए। (कर्तृवाच्य में)

Ans. आओ, बैठें। / आओ बैठते हैं।

ii. हम चल नहीं सकेंगे। (भाववाच्य में)

Ans. हमसे चला नहीं जा सकेगा / जाएगा।

iii. नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। (कर्मवाच्य में)

Ans. नवाब साहब द्वारा / के द्वारा संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया गया।

iv. चरखे को उसके गौरवपूर्ण स्थान से दूर कर दिया गया। (कर्तृवाच्य में)

Ans. चरखे को उसके गौरवपूर्ण स्थान से दूर कर दिया।

v. बच्चा साँस नहीं ले पा रहा था। (भाववाच्य में)

Ans. बच्चे से साँस भी नहीं ली जा रही थी।

5. निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए-

i. पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं।

Ans. उड़ रहे हैं- क्रिया, अकर्मक, पुल्लिंग, बहुवचन, वर्तमान काल ।

अकर्मक क्रिया, बहुवचन, पुल्लिंग, वर्तमान काल ।

ii. वह निबंध लिखता है।

Ans. निबन्ध- संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक ।

iii. मोहन दसवीं कक्षा में बैठा है।

Ans. मोहन- संज्ञा, व्यक्तिवाचक पुल्लिंग एकवचन । व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक ।

iv. हम अपने देश पर मर मिटेंगे।

Ans. देश पर- संज्ञा, जातिवाचक पुल्लिंग एकवचन, अधिकरण कारक।

v. सुरेश, यदि मैं बीमार हो जाऊँ।

Ans. मैं- पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग / स्त्रीलिंग, एकवचन, ‘हो जाऊँक्रिया का कर्ता पुरुषवाचक सर्वनाम, उत्तम पुरुष, पुल्लिंग / स्त्रीलिंग, एकवचन, ‘ हो जाऊं क्रिया का कर्ता ।

6. निम्नलिखित काव्यांशों के अलंकार भेद पहचान कर लिखिए- (किन्हीं चार)

i. चमचमात चंचल नयन, बिच घूँघट पट छीन ।

मनहु सुरसरिता विमल, जल उछरत जुग मीन

Ans. उत्प्रेक्षा अलंकार

ii. फूल हँसे कलियाँ मुसकाई ।

Ans. मानवीकरण अलंकार

iii. हनुमान की पूँछ में, लगन पाई आग।

लंका सगरी जल उठी, गए निशाचर भाग ॥

Ans. अतिशयोक्ति अलंकार

iv. सागर-सा गंभीर ह्रदय हो, गिरी-सा ऊँचा हो जिसका मन ।

Ans. उपमा अलंकार

v. “उदित उदय गिरी मंच पर, रघुवर बाल पतंग | विगसे संत-सरोज सब, हरषे लोचन भ्रंग।”

Ans. रूपक अलंकार

खंड ग – गद्य खंड (पाठ्यपुस्तक)

7. अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये:

आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं। ठंडी पुरवाई चल रही। ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी। यह क्या है- यह कौन है! यह पूछना न पड़ेगा। बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं। उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है। उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करनेवालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू! |

(i) बालगोबिन भगत रोपनी करते समय क्या करते थे?

i. रोते थे

ii. भगवान का नाम लेते थे

iii. गाते थे

iv. सोते थे

क) विकल्प (iii)

ख) विकल्प (i)

ग) विकल्प (ii)

घ) विकल्प (iv)

Ans. क) विकल्प (iii)

(ii) बालगोबिन भगत का संगीत था-

क) सभी विकल्प सही हैं

ख) मंत्र मुग्ध करने वाला

(ग) जादू

घ) कर्णप्रिय

Ans. क) सभी विकल्प सही हैं

(iii) बालगोविन भगत अपने खेत में किस चीज की खेती करते थे?

क) गेहूँ

(ख) धान

(ग) जौ

घ) ज्वार

Ans. (ख) धान

(iv) गद्यांश में किस ऋतु का वर्णन है?

i. ग्रीष्म (ज्येष्ठ)

ii. आषाढ़

iii. श्रावण

iv. कार्तिक

क) विकल्प (iii)

ख) विकल्प (ii)

ग) विकल्प (i)

घ) विकल्प (iv)

Ans. ख) विकल्प (ii)

(v) काव्यांश में जादू कहा गया है-

क) मठ की महानता को

ख) खेत की हरियाली को

(ग) बालगोबिन के व्यवहार को

घ) बालगोबिन के संगीत को

Ans. घ) बालगोबिन के संगीत को

8. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए:

(i) नेताजी का चश्मा पाठ के संदर्भ में कैप्टन कौन था? उसे कौन-सी बात आहत करती थी?

Ans. कैप्टन एक चश्मा बेचने वाला था। उसे यह बात आहत करती थी कि नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं बना हुआ है। उसे ऐसा महसूस होता था मानो चश्मे के बिना नेताजी को असुविधा हो रही हो।

(ii) स्त्री होने के बाद भी लेखिका के लिए माँ का त्याग आदर्श क्यों नहीं बन पाया? ‘एक कहानी यह भी’ के आधार पर लिखिए।

Ans. लेखिका की माँ अनपढ़ थीं | पिताजी की प्रत्येक इच्छा और बच्चों की हर उचित-अनुचित फरमाइश को पूरा करना अपना धर्म मानती थी | लेखिका स्वतंत्र विचारों वाली, अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग थीं इसलिए मजबूरी में लिपटा माँ का त्याग और सहनशीलता स्त्री होने के बावजूद भी उनका आदर्श नहीं बन पाया।

(iii) नवाब साहब ने अपनी नवाबी का परिचय किस प्रकार दिया? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर लिखिए।

Ans. अपनी नवाबी का परिचय देने के लिए नवाब साहब ने खीरे को खाने के स्थान पर उसकी फांकों को सूंघकर खिड़की से बाहर फेंक दिया | इसके बाद उन्होंने इस प्रकार डकार ली मानों उनके लिए उसे सूंघना ही पर्याप्त है। इस सारे क्रियाकलाप को करने के बाद वे लेट गए जैसे बहुत थक गए हों। लेखक को दिखाने के लिए उन्होंने डकार भी ली ।

(iv) संस्कृति पाठ के अनुसार लेनिन और कार्ल मार्क्स का उदाहरण किस संदर्भ में दिया गया है?

Ans. लेनिन और कार्ल मार्क्स ने अपने अंदर की सहज संस्कृति अर्थात् अंतःप्रेरणा के कारण ही दूसरों के कल्याण की बात सोची और उससे प्रेरित होकर लेनिन ने अपनी डेस्क में रखी डबल रोटी को दूसरों को खिला दिया तथा कार्ल मार्क्स ने संसार के मज़दूरों को सुखी देखने के लिए सारा जीवन दुख में बिताया।

खंड ग – काव्य खंड (पाठ्यपुस्तक)

9. अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये:

मधुप गुनगुनाकर कह जाता कौन कहानी यह अपनी।

मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी ।

इस गम्भीर अनंत नीलिमा में असंख्य जीवन इतिहास ।

यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य मलिन उपहास।

तब भी कहते हो – कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती।

तुम सुनकर सुख पाओगे, देखोगे यह गागर रीती।

किन्तु कहीं ऐसा न हो कि तुम ही खाली करने वाले-

अपने को समझो, मेरा रस ले अपनी भरने वाले।

यह विडंबना! अरी सरलते! तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं

भूलें अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं

(i) गागर रीती का क्या आशय है?

क) खाली घड़ा

ख) उपलब्धियों से रहित जीवन

ग) दुःख से भरा जीवन

घ) रेत से भरी गगरी

Ans. ख) उपलब्धियों से रहित जीवन

(ii) मुरझाकर गिरती पत्तियों से क्या अर्थ निकलता है?

क) पतझड़ का मौसम

ख) सूखा पड़ जाना

ग) जीवन में खुशियाँ आना

घ) जीवन की नश्वरता

Ans. घ) जीवन की नश्वरता

(iii) असंख्य जीवन इतिहासों का क्या हश्र होता है?

क) प्रसिद्ध होते हैं

ख) उपहास के पात्र होते हैं

ग) पुरस्कृत होते हैं

घ) अमर हो जाते हैं

Ans. ख) उपहास के पात्र होते हैं

(iv) कथन (A) : कवि द्वारा पूरी ईमानदारी से आत्मकथा लिखने पर मित्र बुरा मान सकते हैं।

कारण (R): कवि के मित्रों ने कई बार विश्वासघात करके उनकी खुशियाँ छीनीं हैं।

क) कथन (A) गलत है किन्तु कारण R) सही है।

ख) कथन (A) और कारण R) दोनों गलत है।

ग) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

घ) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

Ans. ग) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

(v) कवि आत्मकथा लेखन को अपने भोलेपन का मज़ाक क्यों मानता है?

क) सपना टूट जाने के कारण

ख) लोगों के व्यवहार के कारण

ग) अपनी कमजोरियाँ दर्शाने के कारण

घ) आत्मकथा पसंद न होने के कारण

Ans. ग) अपनी कमजोरियाँ दर्शाने के कारण

10. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए:

(i) फागुन के प्रभाव से पेड़ों की डालियों का स्वरूप किस-किस तरह का हो गया है?

Ans. फागुन के आगमन से पेड़ों की डालियाँ नवीन पत्तों- पल्लवों से भर गई हैं। जिन डालियों पर हरे पत्ते लगे हुए हैं, वे डालियाँ हरी-भरी दिखाई दे रही हैं। पल्लवों के लाल रंग के कारण डालियाँ लाल रंग की नजर आ रही हैं। कुछ डालियाँ खिले हुए ताजे फूलों से लिपटी हुई हैं। ऐसा लग रहा है जैसे उनके गले में भीनी-भीनी सुगंध लिए फूलों की मालाएँ डाल दी गई हो।

(ii) इस वर्ष पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता आपको सबसे अधिक प्रभावित करती है, और क्यों?

Ans. इस वर्ष के पाठ्यक्रम में पढ़ी गई फसल कविता ने मुझे सबसे अधिक प्रभावित किया। यह कविता इसलिए अद्भुत थी क्योंकि फसल वास्तविकता में बहुत-सी चीजों का सम्मिलित रूप है। जैसे की नदियों का पानी, हाथों की मेहनत, भिन्न मिट्टीयों का गुण तथा सूर्य की किरणों का प्रभाव तथा मंद हवाओं का स्पर्श। इन सभी प्राकृतिक तत्वों के संगम से ही फसल पूर्ण रूप से तैयार होती है।

(iii) कवि की दृष्टि में संगतकार की मनुष्यता क्या है? तर्क सहित बताइए कि क्या आप उससे सहमत हैं?

Ans. संगतकार की मनुष्यता कवि ने इस प्रकार रेखांकित किया है कि वह हमेशा स्वयं को मुख्य गायक के पीछे ही रखकर उसे अकेलेपन के अहसास से बचाता है और अपनी मनुष्यता बनाए रखता है। वह हर कदम पर मुख्य गायक के साथ होता है और उसे अपने मार्ग से भटकने नहीं देता है। वह मुख्य गायक को सदा ऊँचाई पर रखकर उसकी गरिमा को बनाए रखता है।

(iv) विरह रूपी अग्नि के दहक उठने का क्या कारण कविता में बताया गया है? सूरदास के पद के संदर्भ में उत्तर दीजिए ।

Ans. गोपियाँ कृष्ण के वियोग रूपी अग्नि में पहले से ही जल रही थीं। उन्हें यह आशा थी कि कृष्ण उनसे मिलने आएँगे। परंतु कृष्ण ने उन्हें समझाने के लिए उद्धव को भेज दिया। जब उद्धव उन्हें योग का संदेश सुनाने लगे तब उनका विरहाकुल हृदय कृष्ण से मिलने के लिए और भी व्यग्र हो उठा और विरह रूपी अग्नि प्रबल होकर दहक उठी।

खंड ग – कृतिका (पूरक पाठ्यपुस्तक)

11. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में दीजिए:

(i) माता के अँचल में जो सुकून मिलता है, और कहीं नहीं। कथन के संदर्भ में उदाहरण सहित अपने विचार लिखिए।

Ans. वाकई, इस मतलबी दुनिया में सिर्फ़ माँया माताका ही ऐसा क़िरदार है, जो हमसे निस्वार्थ प्रेम रखती है। बिना किसी अपेक्षा या स्वार्थ के हमारी सेवा में दिन-रात जुटी रहती है। पाठ अनुसार भी भोलानाथ जब डरकर और चोटिल होकर माँ की गोद में छिप जाता है, तब माँ उसे प्यार से गोद में भरकर उसके घावों पर हल्दी लगाती है, उसे चूमती है, और रोते हुए उसका दर्द बांटती है। मेरे जीवन में भी जब मैं दुखी या परेशान होता हूँ, तो माँ के सानिध्य में समय बिताता हूँ। माँ की ममतामयी जादुई व्यवहार पाकर सुकून से भर जाता हूँ। माँ का स्नेह और उनकी ममता हर परेशानी को कम कर देती है। वास्तव में, माँ का आंचल सबसे सुरक्षित और सुकून भरी जगह होती है।

(ii) मैं क्यों लिखता हूँ पाठ में वर्णित हिरोशिमा की घटना क्या थी? पूरे विश्व को ऐसी घटनाओं से कैसे बचाया जा सकता है?

Ans. हिरोशिमा में घूमते हुए एक दिन लेखक ने देखा कि एक जले हुए पत्थर पर एक उजली छाया है। उसने अनुमान लगाया कि जिस समय हिरोशिमा में विस्फोट हुआ उस समय वहाँ पत्थर के पास कोई खड़ा रहा होगा। अणुबम की रेडियोधर्मी तरंगों ने पत्थर को जला दिया पर जो किरणें (तरंगें) व्यक्ति में अवरुद्ध हो गई थीं उन्होंने उसे भाप बनाकर उड़ा दिया होगा जिसकी छाया पत्थर पर अंकित हो गई।

ऐसी घटनाएँ दुबारा न हो इसे रोकने के लिए विश्व के विकसित एवं परमाणु शक्ति संपन्न देशों को आगे आना चाहिए और इसका दुरुपयोग रोकने के लिए सशक्त जनमत बनाना चाहिए। इन देशों द्वारा उन देशों पर तुरंत नियंत्रण लगाया जाना चाहिए जो परमाणु बम बनाने के लिए आतुर हैं, या जो अपनी परमाणु शक्ति का धौंस अन्य छोटे देशों को दिखाते हैं।

(iii) साना-साना हाथ जोड़ि पाठ में जितेन नार्गे की भूमिका पर विचार करते हुए लिखिए कि एक कुशल गाइड में किन गुणों की अपेक्षा की जाती है।

Ans. जितेन नार्गे ने एक कुशल गाइड की भूमिका बखूबी निभाई है। वह उस क्षेत्र से भलीभांति परिचित था। उसे सभी रास्तों की सटीक जानकारी थी। एक कुशल गाइड को भ्रमण स्थल की पूरी जानकारी होनी चाहिए। उसे वहाँ के भूगोल, इतिहास और संस्कृति के बारे में ऐसी बातें मालूम होनी चाहिए जिनसे पर्यटक का ज्ञान बढ़े। इसके अलावे पर्यटक को उस गाइड के साथ बात करने में सुकून महसूस हो। उसे कुशल वक्ता और हाजिर जवाब होना चाहिए और स्थानीय भाषा की जानकारी होनी चाहिए। उस गाइड को एक दोस्त और हितैषी की तरह पेश आना चाहिए।

खंड घ – रचनात्मक लेखन

12. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखियेः

(i) स्वास्थ्य और खेल विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए। संकेत-बिंदु

• खेलों और स्वास्थ्य का संबंध

• शारीरिक आवश्यकता

• तनाव मुक्ति का साधन

• अनुशासन की सीख

Ans. खेल और स्वास्थ्य का एक गहरा संबंध है। खेल हमारे शरीर की एक शारीरिक आवश्यकता है। नियमित रूप से खेलने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और हम कई बीमारियों से बचे रहते हैं। खेल हमें शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी तरोताजा रखता है। खेल तनाव मुक्ति का एक बेहतरीन साधन है। खेलते समय हम तनाव और चिंता को भूल जाते हैं और खुश रहते हैं। खेल हमें अनुशासन की सीख भी देता है। खेल के मैदान में हमें जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है। जीत से हमें प्रोत्साहन मिलता है और हार से हम सीखते हैं। खेल हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना सिखाता है। टीम स्पोर्ट्स में हमें टीम वर्क महत्व समझ आता है। खेल हमें अनुशासित बनाता है और समय का महत्व सिखाता है।

(ii) कमरतोड़ महँगाई विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दो में अनुच्छेद लिखिए।

Ans. वर्तमान समय में निम्न मध्यम वर्ग महँगाई की समस्या से त्रस्त है। महँगाई भी ऐसी, जो रुकने का नाम ही नहीं लेती, बढ़ती ही चली जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार का महँगाई पर कोई नियन्त्रण रह ही नहीं गया है। महँगाई बढ़ने के कई कारण हैं। उत्पादन में कमी तथा माँग में वृद्धि होना महँगाई का प्रमुख कारण है। कभी-कभी सूखा, बाढ़ तथा अतिवृष्टि जैसे प्राकृतिक प्रकोप भी उत्पादन को प्रभावित करते हैं। वस्तुओं की जमाखोरी भी महँगाई बढ़ने का प्रमुख कारण है।

जमाखोरी से शुरू होती है कालाबाजारी, दोषपूर्ण वितरण प्रणाली तथा अन्धाधुन्ध मुनाफाखोरी की प्रवृत्ति। सरकारी अंकुश का अप्रभावी होना महँगाई तथा जमाखोरी को बढ़ावा देता है। सरकार अखबारों में तो महँगाई कम करने की बात करती है। पर वह भी महँगाई बढ़ाने में किसी से कम नहीं है। सरकारी उपक्रम भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाते रहते हैं। इस जानलेवा महँगाई ने आम नागरिकों की कमर तोड़कर रख दी है। अब उसे दो जून की रोटी जुटाना तक कठिन हो गया है। पौष्टिक आहार का मिलना तो और भी कठिन हो गया है। महँगाई बढ़ने का एक कारण यह भी है कि हमारी आवश्यकताएँ तेजी से बढ़ती चली जा रही हैं, अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हम किसी भी दाम पर वस्तु खरीद लेते हैं। इससे जमाखोरी और महँगाई को बढ़ावा मिलता है। महँगाई को सामान्य व्यक्ति की आय के सन्दर्भ में देखा जाना चाहिए। महँगाई के लिए अन्धाधुन्ध बढ़ती जनसंख्या भी उत्तरदायी है। इस पर भी नियन्त्रण करना होगा। महँगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। 80 से 100 रुपए किलो की दाल आम आदमी खरीदकर भला कैसे खा सकता है। सरकार को खाद्य महँगाई पर प्रभावी अंकुश लगाना परमावश्यक है जिससे आम आदमी को राहत मिल सके।

(iii) शारीरिक शिक्षा और योग विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए |

• शारीरिक शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

• शारीरिक शिक्षा और योग

• प्रभाव और अच्छे परिणाम

Ans. शारीरिक शिक्षा और योग

शारीरिक शिक्षा का तात्पर्य ऐसी शिक्षा से है, जिसमें शारीरिक गतिविधियों के द्वारा शरीर को स्वस्थ रखने की कला सिखाई जाती है। शारीरिक विकास के साथ-साथ इससे व्यक्ति का मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास भी होता है। शारीरिक शिक्षा में योग का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य शरीर, मन एवं आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करना होता है। स्वस्थ शरीर में एक स्वस्थ मन रखने के लिए, हर एक व्यक्ति को नियमित शारीरिक व्यायाम की आवश्यकता होती है। यह मन को शांत एवं स्थिर रखता है, तनाव को दूर कर सोचने की क्षमता, आत्मविश्वास एवं एकाग्रता को बढ़ाता है। नियमित रूप से योग करने से शरीर स्वस्थ तो रहता ही है, साथ ही यदि कोई रोग है तो इसके द्वारा उसका उपचार भी किया जा सकता है। कुछ रोगों में तो दवा से अधिक लाभ योग करने से होता है। तमाम शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि योग संपूर्ण जीवन की चिकित्सा पद्धति है। पश्चिमी देशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और लोग तेज़ी से इसे अपना रहे हैं। योग की बढ़ती लोकप्रियता एवं महत्त्व का ही प्रमाण है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी योग का समर्थन करते हुए 21 जून को योग दिवस घोषित कर दिया है।

शारीरिक शिक्षा आधुनिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान परिवेश में योग न सिर्फ हमारे लिए लाभकारी है, बल्कि विश्व के बढ़ते प्रदूषण एवं मानवीय व्यस्तताओं से उपजी समस्याओं के निवारण में इसकी सार्थकता और भी बढ़ गई है। यही कारण है कि धीरे-धीरे ही सही, आज पूरी दुनिया योग की शरण ले रही है।

13. आप मानव कुमार / मानसी कुमारी हैं। आपने अपने घर में नूतन टेलीकॉम का वाई-फाई लगवाया है। आए दिन वह खराब होता है। उस कंपनी के ग्राहक सेवा से भी आपको मदद नहीं मिल रही है और आप रोज़ परेशान हो रहे / रही हैं। स्थानीय अख़बार के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिख कर अपनी समस्या पर कंपनी का ध्यान आकर्षित कीजिए।

Ans.

अथवा

बनावट-शृंगार में समय व्यतीत न करने की हिदायत देते हुए छोटी बहन को पत्र लिखिए।

Ans.

14. सर्वोदय कन्या विद्यालय नई सीमा पुरी में टी.जी.टी. (विज्ञान) का पद रिक्त है। विज्ञापन के अनुसार अपनी योग्यता का विवरण प्रस्तुत करते हुए शिक्षा निदेशक को स्ववृत सहित आवेदन प्रस्तुत करें।

Ans.

अथवा

दूरदर्शन अधिकारी को कार्यक्रमों में सुधार हेतु सुझाव के लिए ईमेल लिखिए।

Ans.

15. लोगों में सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने वाला एक विज्ञापन लगभग 50 शब्दों में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तैयार कीजिए।

Ans.

अथवा

शतरंज में स्वर्ण पदक जीतने पर मित्र को शुभकामना संदेश लिखिए।

Ans.